BHISHM' पोर्टेबल अस्पताल

आरोग्य मैत्री पहल से भारत बढ़ाएगा वैश्विक मानवीय स्वास्थ्य सहायता प्रभाव


आपदा के समय दुनिया की मदद के लिए भारत की नई पहल

भारत ने वैश्विक मानवीय सहायता (Humanitarian Assistance) और आपदा राहत (Disaster Relief) को मजबूत बनाने के लिए ‘आरोग्य मैत्री (Aarogya Maitri)’ पहल शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, युद्ध, मानवीय संकट और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में मित्र देशों को तुरंत चिकित्सा सहायता, दवाइयां, चिकित्सा उपकरण और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। यह पहल भारत की “मानवता प्रथम“ नीति और “वसुधैव कुटुम्बकम्“ की भावना को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाती है।

क्या है आरोग्य मैत्री पहल?

आरोग्य मैत्री भारत सरकार द्वारा विकसित एक अत्याधुनिक आपदा चिकित्सा सहायता प्रणाली है, जिसके तहत जरूरत पड़ने पर किसी भी देश में कुछ ही समय में स्वदेशी मॉड्यूलर पोर्टेबल अस्पताल (Modular Portable Hospital) स्थापित किया जा सकता है।

इस अस्पताल को विशेष रूप से इस तरह तैयार किया गया है कि इसे हवाई, समुद्री या सड़क मार्ग से तेजी से किसी भी आपदा प्रभावित क्षेत्र में पहुंचाया जा सके। इसका उद्देश्य घटनास्थल पर ही गंभीर मरीजों का इलाज शुरू करना है ताकि अस्पताल पहुंचने में होने वाली देरी से होने वाली मौतों को कम किया जा सके।

‘BHISHM’ पोर्टेबल अस्पताल क्या है?

आरोग्य मैत्री पहल का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा BHISHM (Bharat Health Initiative for Sahyog Hita & Maitri) क्यूब है। यह पूरी तरह भारत में विकसित मॉड्यूलर चिकित्सा प्रणाली है।

BHISHM क्यूब की प्रमुख विशेषताएं:

  • कुछ ही मिनटों में पोर्टेबल अस्पताल तैयार किया जा सकता है।
  • मजबूत एवं वाटरप्रूफ टेंट आधारित संरचना।
  • स्वतंत्र बिजली आपूर्ति (Power Supply) की सुविधा।
  • ऑक्सीजन सपोर्ट।
  • ICU जैसी सुविधाएं।
  • जीवन रक्षक सर्जरी करने की क्षमता।
  • एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, ECG, मॉनिटरिंग जैसी डायग्नोस्टिक सुविधाएं।
  • ऑपरेशन थिएटर की आवश्यक सामग्री।
  • दवाइयों और आपातकालीन उपकरणों की उपलब्धता।
  • संचार एवं डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड की सुविधा।

एक बार में कितने मरीजों का इलाज संभव है?

सरकारी जानकारी के अनुसार एक BHISHM Cube आधारित मॉड्यूलर अस्पताल में 200 से अधिक मरीजों का इलाज किया जा सकता है। इसमें कई अलग-अलग मॉड्यूल होते हैं जिन्हें आवश्यकता के अनुसार जोड़ा या अलग किया जा सकता है।

इस प्रणाली का पूरा सेट कई विशेष कंटेनरों में पैक रहता है और प्रशिक्षित टीम बहुत कम समय में इसे संचालित कर सकती है।

किन परिस्थितियों में होगा उपयोग?

आरोग्य मैत्री पहल का उपयोग निम्न परिस्थितियों में किया जा सकता है:

  • भूकंप
  • बाढ़
  • चक्रवात
  • भूस्खलन
  • युद्ध क्षेत्र
  • सीमा क्षेत्रों में आपात स्थिति
  • महामारी
  • बड़े सड़क या औद्योगिक हादसे
  • मानवीय संकट

भारत के अंदर भी राष्ट्रीय आपदा या सीमावर्ती क्षेत्रों में आवश्यकता पड़ने पर इस प्रणाली का उपयोग किया जा सकता है।

किन देशों को भारत ने सहायता भेजी?

भारत ने इस पहल के तहत कई मित्र देशों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई है।

सरकारी जानकारी के अनुसार:

  • मालदीव को BHISHM आधारित चिकित्सा सहायता प्रदान की गई।
  • यूक्रेन को मानवीय सहायता के तहत चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराई गई।
  • वेनेजुएला को भी हाल ही में यह पोर्टेबल चिकित्सा सहायता भेजी गई।

इनके अतिरिक्त भारत पहले भी नेपाल, तुर्किये, म्यांमार, श्रीलंका, मोजाम्बिक सहित अनेक देशों को आपदा राहत एवं चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराता रहा है।

भारत की मेडिकल डिप्लोमेसी को मिलेगा नया आयाम

विशेषज्ञों का मानना है कि आरोग्य मैत्री पहल भारत की Medical Diplomacy को नई मजबूती देती है।

कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने Vaccine Maitri अभियान के तहत लगभग 100 से अधिक देशों को कोविड-19 वैक्सीन उपलब्ध कराई थी। उसी अनुभव को आगे बढ़ाते हुए अब भारत आपदा चिकित्सा सहायता के क्षेत्र में भी वैश्विक नेतृत्व की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

यह पहल भारत को केवल दवा निर्माता देश ही नहीं बल्कि आपदा स्वास्थ्य सहायता प्रदाता (Global First Responder) के रूप में भी स्थापित कर सकती है।

पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित प्रणाली

BHISHM Cube पूरी तरह भारतीय विशेषज्ञों द्वारा विकसित तकनीक पर आधारित है। इसका उद्देश्य विदेशी चिकित्सा सहायता पर निर्भरता कम करना और कम समय में किसी भी स्थान पर आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

इस प्रणाली को आसानी से हवाई जहाज, सैन्य परिवहन विमान, हेलीकॉप्टर या ट्रकों के माध्यम से भेजा जा सकता है।

भारत की ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर‘ भूमिका होगी मजबूत

पिछले कुछ वर्षों में भारत ने कई अंतरराष्ट्रीय आपदाओं के दौरान त्वरित राहत पहुंचाई है। ऑपरेशन दोस्त (Turkiye-Syria Earthquake 2023), ऑपरेशन ब्रह्मा, ऑपरेशन सहायता और अन्य मानवीय अभियानों ने भारत की क्षमता को साबित किया है।

आरोग्य मैत्री पहल इसी दिशा में एक स्थायी और संस्थागत व्यवस्था मानी जा रही है, जिससे भविष्य में भारत और भी तेजी से राहत कार्य कर सकेगा।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

रक्षा और आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी आपदा में स्थानीय अस्पताल क्षतिग्रस्त हो जाएं, तो ऐसे मॉड्यूलर अस्पताल हजारों लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकते हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों, युद्ध प्रभावित इलाकों और दूरदराज के क्षेत्रों में भी इनका उपयोग अत्यंत प्रभावी माना जा रहा है।

सूचनिका 365 इनसाइट्स

आरोग्य मैत्री पहल भारत की मानवीय सहायता नीति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। BHISHM आधारित पोर्टेबल अस्पताल आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस हैं और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सक्षम हैं। मालदीव, यूक्रेन और वेनेजुएला जैसे देशों को सहायता भेजकर भारत ने यह संदेश दिया है कि वह केवल विकासशील देशों का साझेदार ही नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में विश्वसनीय मित्र भी है। आने वाले वर्षों में यह पहल भारत की वैश्विक स्वास्थ्य कूटनीति और आपदा राहत क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।

विश्वसनीय एवं आधिकारिक स्रोत

  1. Prime Minister’s Office (PMO India)
  2. Ministry of External Affairs (MEA)
  3. Ministry of Health & Family Welfare
  4. National Disaster Management Authority (NDMA)
  5. Press Information Bureau (PIB)
  6. WHO – Emergency Medical Teams
  7. United Nations Office for the Coordination of Humanitarian Affairs (UNOCHA)

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