PM-RAHAT योजना

PM-RAHAT योजना


सड़क हादसों के बाद अब नहीं रुकेगा इलाज, जानिए PM-RAHAT योजना

भारत में हर साल लाखों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इनमें हजारों लोग अपनी जान गंवा देते हैं, जबकि बड़ी संख्या में घायल लोगों की स्थिति समय पर इलाज न मिलने के कारण और गंभीर हो जाती है। कई मामलों में पीड़ित या उनके परिवार आर्थिक तंगी, अस्पतालों की प्रक्रिया या प्रशासनिक देरी के कारण तत्काल उपचार नहीं प्राप्त कर पाते। इसी समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पतालीकरण एवं आश्वस्त उपचार योजना (PM-RAHAT Scheme) का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़क दुर्घटना के बाद किसी भी व्यक्ति का इलाज पैसे के अभाव में न रुके। यह योजना सड़क सुरक्षा और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा सुधार मानी जा रही है।

क्या है PM-RAHAT योजना?

PM-RAHAT यानी Prime Minister – Road Accident Victims’ Hospitalisation and Assured Treatment Scheme एक वैधानिक योजना है जिसे मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 162 के तहत लागू किया गया है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को तत्काल और निर्बाध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में उचित इलाज मिलने से हजारों लोगों की जान बचाई जा सकती है।

दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज

PM-RAHAT योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके तहत प्रत्येक पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ित को अधिकतम ₹1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।

यह सुविधा दुर्घटना की तारीख से सात दिनों तक लागू रहेगी। खास बात यह है कि यह लाभ किसी भी प्रकार की सड़क पर हुई दुर्घटना के पीड़ित को मिलेगा, बशर्ते दुर्घटना मोटर वाहन से संबंधित हो।

इस व्यवस्था से उन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जो दुर्घटना के तुरंत बाद इलाज के खर्च को लेकर परेशान हो जाते हैं।

गोल्डन ऑवर में इलाज पर विशेष ध्यान

चिकित्सा विज्ञान में “गोल्डन ऑवर” को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दुर्घटना के बाद का वह शुरुआती समय होता है जब सही उपचार मिलने पर मरीज की जान बचने की संभावना सबसे अधिक रहती है।

PM-RAHAT योजना में यह सुनिश्चित किया गया है कि:

  • सामान्य लेकिन गंभीर नहीं माने जाने वाले मामलों में 24 घंटे तक स्थिरीकरण उपचार दिया जाएगा।
  • जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाली परिस्थितियों में 48 घंटे तक आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।

यह उपचार सरकार द्वारा नामित अस्पतालों में उपलब्ध होगा।

112 हेल्पलाइन से जुड़ी है पूरी व्यवस्था

योजना को 112 इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS) से जोड़ा गया है।

यदि किसी व्यक्ति का सड़क हादसा हो जाता है तो पीड़ित, उसका परिवार या कोई भी मददगार नागरिक 112 पर संपर्क कर सकता है। इसके माध्यम से:

  • निकटतम नामित अस्पताल की जानकारी मिलेगी।
  • एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
  • आवश्यक आपातकालीन सहायता प्राप्त की जा सकेगी।

सरकार का उद्देश्य दुर्घटना और उपचार के बीच लगने वाले समय को कम करना है।

गुड समैरिटन यानी मददगार नागरिकों को भी सुविधा

भारत में अक्सर लोग दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने से डरते हैं क्योंकि उन्हें पुलिस या कानूनी प्रक्रिया का भय रहता है।

PM-RAHAT योजना में “गुड समैरिटन” या “राह-वीर” की भूमिका को भी महत्व दिया गया है। कोई भी व्यक्ति जो दुर्घटना पीड़ित को अस्पताल पहुंचाने या सहायता दिलाने में मदद करता है, वह 112 प्रणाली का उपयोग करके आवश्यक जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकता है।

यह कदम समाज में मानवीय सहयोग की भावना को बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है।

डिजिटल तकनीक से होगी पूरी निगरानी

सरकार ने योजना को पूरी तरह डिजिटल बनाया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।

इसके लिए दो प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म को जोड़ा गया है:

eDAR प्लेटफॉर्म

यह पुलिस अधिकारियों द्वारा दुर्घटना की रिपोर्ट दर्ज करने के लिए उपयोग किया जाता है।

TMS 2.0 प्लेटफॉर्म

यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा संचालित प्रणाली है जिसके माध्यम से अस्पताल उपचार, क्लेम और भुगतान संबंधी कार्य करते हैं।

इन दोनों प्लेटफॉर्म के एकीकरण से दुर्घटना की रिपोर्ट से लेकर अस्पताल भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल रूप से रिकॉर्ड होगी।

अस्पतालों को भुगतान कैसे मिलेगा?

कई बार अस्पताल दुर्घटना पीड़ितों का इलाज शुरू करने से पहले भुगतान की चिंता करते हैं। PM-RAHAT योजना इस समस्या का समाधान भी करती है।

अस्पतालों को भुगतान Motor Vehicle Accident Fund (MVAF) से किया जाएगा।

इस फंड में योगदान निम्न स्रोतों से आता है:

  • सामान्य बीमा कंपनियां
  • केंद्र सरकार का बजटीय समर्थन
  • हिट एंड रन मामलों के लिए विशेष सहायता

इसके अलावा सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि दावा स्वीकृत होने के बाद अस्पतालों को 10 दिनों के भीतर भुगतान किया जाए।

देशभर में हजारों अस्पताल होंगे शामिल

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अतिरिक्त अस्पतालों को जोड़ने के निर्देश दिए हैं।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के तहत सूचीबद्ध और पात्र अस्पताल भी PM-RAHAT योजना के तहत नामित अस्पताल माने जाएंगे।

मार्च 2026 तक आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत देशभर में 36,112 अस्पताल सूचीबद्ध थे। इससे दुर्घटना पीड़ितों को व्यापक स्तर पर उपचार सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है।

शिकायत होने पर कहां करें संपर्क?

सरकार ने योजना के लिए बहु-स्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली भी बनाई है।

जिला स्तर पर:

  • जिला सड़क सुरक्षा समिति (DRSC)
  • शिकायत निवारण अधिकारी (GRO)

कार्य करेंगे।

यदि किसी शिकायत का समाधान जिला स्तर पर नहीं होता तो मामला:

  • जिला कलेक्टर
  • राज्य सड़क सुरक्षा परिषद (SRSC)

तक पहुंचाया जा सकता है।

राष्ट्रीय स्तर पर एक अंतर-मंत्रालयी संचालन समिति योजना की निगरानी करेगी।

सड़क सुरक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?

भारत दुनिया में सड़क दुर्घटनाओं से प्रभावित देशों में शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्घटना के बाद समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से बड़ी संख्या में मौतों को रोका जा सकता है।

PM-RAHAT योजना केवल आर्थिक सहायता कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह सड़क सुरक्षा, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और डिजिटल प्रशासन का एक संयुक्त मॉडल है।

यह योजना यह सुनिश्चित करती है कि:

  • इलाज पैसे के अभाव में न रुके।
  • अस्पतालों को समय पर भुगतान मिले।
  • दुर्घटना की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो।
  • पीड़ित को गोल्डन ऑवर में उपचार मिले।
  • मददगार नागरिकों को प्रोत्साहन मिले।

सूचनिका 365 इनसाइट्स

PM-RAHAT योजना भारत की सड़क सुरक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है। सड़क दुर्घटना के बाद सबसे बड़ी चिंता समय पर इलाज और खर्च की होती है। यह योजना दोनों समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करती है।

यदि राज्यों, अस्पतालों, पुलिस और स्वास्थ्य एजेंसियों के बीच समन्वय प्रभावी ढंग से काम करता है, तो आने वाले वर्षों में हजारों लोगों की जान बचाई जा सकती है। सड़क दुर्घटना के बाद इलाज को अधिकार के रूप में उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक पहल साबित हो सकती है।

आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोत

  • Ministry of Road Transport & Highways
  • National Health Authority
  • ERSS 112 India
  • Motor Vehicles Act Information

यह भी पढ़ें : सड़क हादसा पीड़ितों को मिला जीवन का नया अधिकार


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